Cockroach Janta Party News: अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई. इस बीच उन्होंने देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार (10 जून) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं में बार-बार हुई गड़बड़ियों से देश भर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. दीपके ने बुधवार (10 जून) को पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि देश के युवा अब छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चुप नहीं रहेंगे.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा मंत्री 13 जून तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘एक बात तो अब साबित हो गई है कि इस देश के युवा अब डरेंगे नहीं और पीछे नहीं हटेंगे. अब तक नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण कई छात्र कथित तौर पर आत्महत्या कर चुके हैं.’’
अभिजीत दीपके ने किया ये दावा
दीपके ने दावा किया कि नीट, सीबीएसई और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण एक करोड़ से ज्यादा छात्र परेशान हुए हैं. उन्होंने कहा, “इस स्थिति की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई भी तैयार नहीं है.” उन्होंने कहा, “हमने छह जून को दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन किया था और मांग की थी कि धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें.”
उन्होंने आगे कहा, “किसी न किसी को तो जिम्मेदारी लेनी ही होगी. जो छात्र डॉक्टर बनकर लोगों की जान बचा सकते थे, वे व्यवस्था की नाकामी के कारण अपनी जान गंवा बैठे.” दीपके ने कहा, “उनके संगठन ने मंत्री से शनिवार तक इस्तीफा देने की मांग की है और ऐसा न करने पर देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
देशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
अभिजीत दीपके ने कहा, “अगर इस्तीफा नहीं दिया गया, तो हम देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे. इसकी शुरुआत पुणे से होगी. हम गुरुवार (11 जून) को शाम चार बजे पुणे में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसके बाद लखनऊ, अमृतसर, जयपुर और बेंगलुरु में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.”
बड़े आंदोलन की अपनी योजना के बारे में उन्होंने कहा कि अगर प्रधान पद नहीं छोड़ते हैं, तो 20 जून को देश भर से युवा दिल्ली में इकट्ठा होंगे. दीपके ने कहा, “मैं खुद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होऊंगा और लोगों से राष्ट्रीय राजधानी आने की अपील करूंगा. अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देश भर से छात्र एवं युवा दिल्ली आएंगे और उनके इस्तीफे के बिना वापस नहीं लौटेंगे.”
